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Haryana : जली फसलों पर 151 किसानों को 87 लाख का मुआवजा, मुफ्त मिलेगा बीज और खाद

हरियाणा सरकार ने हाल ही में आग से तबाह हुई फसलों की भरपाई करते हुए 151 किसानों को 87 लाख रुपये की राहत राशि दी है। यह राशि खुद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। इसके साथ ही किसानों को अगली फसल के लिए खाद और बीज भी मुफ्त दिए जाएंगे।

ये राहत 17 जिलों में फैले 324 एकड़ क्षेत्र की जली हुई फसलों के लिए दी गई है। खास बात यह रही कि इस बार कृषि विभाग ने भी मुआवजा देने में अहम भूमिका निभाई है, जिससे किसानों को पहले की तुलना में दोगुनी राहत मिली है।

राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त मेहनत से पोर्टल पर दावे जल्दी से सत्यापित कर किसानों को तुरंत मदद दी गई। सरकार का कहना है कि यह कदम किसानों के साथ उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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मुआवजा के साथ मुफ्त में मिलेगा खाद औऱ बीज

चंडीगढ़: हरियाणा में हाल ही में फसलों में लगी आग से परेशान किसानों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश सरकार ने 151 ऐसे किसानों को 87 लाख रुपये का मुआवजा दिया है, जिनकी फसलें आग में राख हो गई थीं। ये राशि सीधे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा सोमवार को किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। साथ ही, अगली फसल की बुवाई के लिए किसानों को खाद और बीज भी मुफ्त में उपलब्ध कराया जाएगा।

यह राहत कुल 17 जिलों के 324 एकड़ क्षेत्र में प्रभावित हुई फसलों के लिए दी गई है। हालांकि, अंबाला, मेवात, पलवल, फरीदाबाद और पंचकूला जिलों को इस सूची में शामिल नहीं किया गया है। लेकिन बाकी जिलों के किसानों ने राहत की सांस ली है। एक तरफ आग ने खेतों को झुलसा दिया, तो दूसरी तरफ सरकार ने आर्थिक संबल देकर किसानों का हौसला बढ़ा दिया।

मुख्यमंत्री सैनी ने इस अवसर पर कहा कि यह पहली बार है जब कृषि विभाग ने भी आग से जली फसलों का मुआवजा देने में भागीदारी की है। उन्होंने कहा कि पहले किसानों को सिर्फ राजस्व विभाग से मुआवजा मिलता था, लेकिन इस बार सहयोगी विभागों की भागीदारी से किसानों को डबल राहत मिली है। “हमारा लक्ष्य सिर्फ मुआवजा देना नहीं, बल्कि किसान को फिर से खड़ा करना है,” मुख्यमंत्री ने कहा।

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मुआवजा देने की यह प्रक्रिया भी काबिल-ए-तारीफ रही। ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल के जरिए नुकसान के दावे दर्ज किए गए। इसके बाद संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे तुरंत नुकसान का जायजा लें और अपनी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करें। नतीजा यह हुआ कि बिना देरी के किसानों को उनका हक मिल गया।

यही नहीं, सरकार ने इस बार राहत पैकेज को सिर्फ नकद मुआवजे तक सीमित नहीं रखा, बल्कि खेती की अगली तैयारी के लिए मुफ्त में खाद और बीज भी देने का ऐलान किया। जिससे किसान बिना किसी अतिरिक्त बोझ के फिर से अपने खेतों में जुट सकें।

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