Jind News: जींद की बेटियों ने फिर बढ़ाया मान, दो खिलाड़ी एशियन हैंडबॉल चैम्पियनशिप के लिए भारतीय टीम में चयनित
डूमरखा गांव की दो बेटियों ने साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती। इरा इंटरनेशनल स्कूल के हैंडबॉल ट्रेनिंग सेंटर से जुड़ी आरजू और प्रवेश कुमारी को...

डूमरखा गांव की दो बेटियों ने साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती। इरा इंटरनेशनल स्कूल के हैंडबॉल ट्रेनिंग सेंटर से जुड़ी आरजू और प्रवेश कुमारी को भारतीय महिला हैंडबॉल टीम में चुना गया है। दोनों खिलाड़ी अब ओमान के मस्कट शहर में 7 से 15 मई तक होने वाली 10वीं एशियन बीच हैंडबॉल प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी।
आरजू वर्तमान में सीमा सशस्त्र बल (एसएसबी) में कार्यरत हैं, जबकि प्रवेश कुमारी हाल ही में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में शामिल हुई हैं। दोनों खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर पहले ही अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा लिया है। हरियाणा सरकार ने इन्हें पिछली उपलब्धियों के लिए 12-12 लाख रुपये का पुरस्कार भी दिया था, और अब जल्द ही 7-7 लाख रुपये की और नकद राशि मिलने वाली है।
इनकी सफलता पर पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। स्कूल प्रबंधन ने खिलाड़ियों के लौटने पर सम्मान समारोह आयोजित करने की घोषणा की है। वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने भी इन होनहार बेटियों को शुभकामनाएं भेजकर गांव का मान बढ़ाया है।

भारतीय टीम में डूमरखा की बेटियों की एंट्री, ओमान में दिखाएंगी दम
हरियाणा के जिला जींद के छोटे से गांव डूमरखा की दो बेटियां, आरजू और प्रवेश कुमारी, अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। इरा इंटरनेशनल स्कूल डूमरखा के हैंडबॉल ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण लेने वाली इन दोनों खिलाड़ियों को भारतीय हैंडबॉल टीम में चुना गया है, जो ओमान के मस्कट शहर में आयोजित हो रही 10वीं एशियन बीच हैंडबॉल प्रतियोगिता में हिस्सा लेगी।
स्कूल के निदेशक जुगमिंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि दोनों खिलाड़ी शुरू से ही खेल के प्रति समर्पित रही हैं। आरजू सीमा सशस्त्र बल में तैनात हैं और प्रवेश कुमारी ने हाल ही में बीएसएफ में सरकारी नौकरी प्राप्त की है। राष्ट्रीय स्तर पर अपनी काबिलियत साबित कर चुकीं इन खिलाड़ियों को हरियाणा सरकार द्वारा पहले 12-12 लाख रुपये नकद पुरस्कार दिए जा चुके हैं, और अब सरकार जल्द ही इन्हें 7-7 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि भी देगी।
प्रतियोगिता में भारत की टीम वियतनाम, फिलीपींस, जॉर्डन, हांगकांग, चीन, ओमान, सऊदी अरब, मालदीव, ईरान और पाकिस्तान जैसे देशों से मुकाबला करेगी। साफ है कि मैदान में चुनौती बड़ी है, लेकिन डूमरखा की ये खिलाड़ी भी कम नहीं—इनके पास न सिर्फ अनुभव है, बल्कि जुनून भी।
खेल से लौटने के बाद इरा इंटरनेशनल स्कूल की प्रबंधन समिति द्वारा इन खिलाड़ियों के सम्मान में एक विशेष समारोह आयोजित किया जाएगा। गांव में पहले से ही गर्व और उत्साह का माहौल है। इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने भी अपने पैतृक गांव की इन बेटियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।