अब हरियाणा में शराब ठेका लेना होगा बेहद आसान, सरकार ने नई आबकारी नीति में किये बड़े बदलाव
हरियाणा सरकार (Haryana Govt) ने राज्य की आबकारी नीति (Excise Policy) में अहम संशोधन करते हुए शराब ठेका लेने की प्रक्रिया को पहले से कहीं ज्यादा सरल बना दिया है। 2025-26 के लिए लागू की...

चंडीगढ़: हरियाणा सरकार (Haryana Govt) ने राज्य की आबकारी नीति (Excise Policy) में अहम संशोधन करते हुए शराब ठेका लेने की प्रक्रिया को पहले से कहीं ज्यादा सरल बना दिया है। 2025-26 के लिए लागू की गई इस नई नीति को 6 मई से मंजूरी दे दी गई है। इसके तहत अब बोली लगाने वालों को पहले की तुलना में कम निवेश करना होगा और लाइसेंस फीस चुकाने की शर्तों में भी राहत दी गई है।
सिक्योरिटी मनी में कटौती, बोलीदाता को अब कम देना होगा एडवांस
गुरुग्राम पूर्व के उप-आबकारी एवं कराधान आयुक्त अमित भाटिया के मुताबिक, अब ठेका लेने वाले आवंटियों से सिक्योरिटी मनी (security money) की मांग को घटा दिया गया है। पहले जहां यह राशि कुल लाइसेंस फीस की 15% होती थी, वहीं अब इसे घटाकर 11% कर दिया गया है। इतना ही नहीं, ई-टेंडर (e-tender) वाले दिन जो सिक्योरिटी मनी ली जाती थी, उसे भी 3% से घटाकर 2% कर दिया गया है।
अब बोली लगाने वाले सिर्फ 5% सिक्योरिटी मनी जमा करके कोटा उठाना शुरू कर सकते हैं। पहले इसके लिए 7% जमा करना होता था। वहीं, पूरे कोटा पर अधिकार पाने के लिए 11% सिक्योरिटी मनी देनी होगी। गुरुग्राम पूर्व में ये ई-टेंडर्स 30 और 31 मई को आयोजित किए जाएंगे, और इनका मूल्यांकन 31 मई की शाम 5 बजे किया जाएगा।
लाइसेंस फीस अब आसान किस्तों में दे सकेंगे आवंटी
गुरुग्राम पश्चिम के उप-आबकारी एवं कराधान आयुक्त जितेंद्र डूडी ने बताया कि नई नीति में लाइसेंस फीस (license fee) के भुगतान का तरीका भी लचीला बना दिया गया है। अब कुल लाइसेंस फीस की 91% राशि को बोलीदाता मासिक किस्तों (monthly installments) में चुका सकेंगे। बाकी बची हुई 9% राशि को नीति वर्ष के अंतिम दो महीनों में जमा कराई गई सिक्योरिटी मनी से समायोजित किया जाएगा।
गुरुग्राम पश्चिम में ई-टेंडर्स 26 और 27 मई को आयोजित किए जाएंगे। इन टेंडर्स का मूल्यांकन 27 मई की शाम 5 बजे किया जाएगा।