हरियाणा नई शराब नीति 2025 : अब हाईवे पर नहीं खुलेंगे शराब के ठेके, दुकान खोलने का टाइम भी बदला, लिखनी होगी चेतावनी
हरियाणा सरकार ने नई शराब नीति लागू कर दी है, जिसमें सबसे बड़ा फैसला यह है कि अब नेशनल और स्टेट हाईवे पर शराब की दुकानें नहीं खुलेंगी। सिर्फ ठेके ही नहीं, हाईवे पर शराब से जुड़ा कोई भी विज्ञापन करना भी अब कानूनन जुर्म होगा।

सरकार ने गांवों की शांति को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया है कि अब जिन गांवों की आबादी 500 या उससे कम है, वहां शराब के ठेके पूरी तरह बंद होंगे। इससे पहले इन गांवों में 152 शराब दुकानें चल रही थीं, जो अब बंद की जाएंगी। नई पॉलिसी में अहाता (जहां लोग शराब पीते हैं) खोलने की फीस भी बढ़ा दी गई है। गुरुग्राम में सबसे ज्यादा फीस वसूली जाएगी, वहीं अब अहाता खोलने के लिए कम से कम 1,000 स्क्वायर मीटर का एरिया होना अनिवार्य कर दिया गया है।

अब हाईवे पर न शराब बिकेगी, न दिखेगी!
हरियाणा सरकार ने सोमवार को नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है, जो 12 जून 2025 से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी। इस नीति के तहत नेशनल और स्टेट हाईवे पर शराब के ठेके नहीं चलेंगे। इसके साथ ही हाईवे पर शराब के विज्ञापन पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है। अगर किसी ने इसका उल्लंघन किया तो पहली बार ₹1 लाख, दूसरी बार ₹2 लाख और तीसरी बार ₹3 लाख तक का जुर्माना भरना पड़ेगा। बार-बार उल्लंघन करने वालों का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।
नीतियां अब वित्त वर्ष के अनुसार होंगी, टारगेट ₹14,064 करोड़ का
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि अब आबकारी नीति को वित्त वर्ष के साथ जोड़ दिया गया है। इस बार की नीति 21.5 महीनों के लिए लागू की गई है। इसमें सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए 14,064 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य तय किया है। पिछली बार विभाग ने 12,650 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 12,700 करोड़ रुपये जुटाए थे।
इसके अलावा, एल-12ए और एल-12ए-सी जैसे अस्थायी लाइसेंसों की प्रक्रिया को भी सरल किया गया है। खासकर गुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला जैसे शहरों में बैंक्वेट हॉल जैसे बिना पंजीकृत स्थानों के लिए एक दिन के लाइसेंस के लिए अधिक शुल्क लिया जाएगा।
गांवों में भी नई नीति की झलक – 152 ठेके होंगे बंद
सरकार ने एक और बड़ा फैसला लेते हुए साफ किया है कि जिन गांवों की आबादी 500 या उससे कम है, वहां अब शराब के ठेके नहीं खुलेंगे। यानी अब कोई भी सब-वेंड (उप-विक्रय केंद्र) इन गांवों में नहीं होगा। यह फैसला ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की भावनाओं और शांति व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है।
अहाता खोलने की फीस और जगह का नया नियम
नई नीति में अहाते के लिए अलग से नियम तय किए गए हैं। अब गुरुग्राम में अहाता खोलने के लिए लाइसेंस फीस का 4% देना होगा, जबकि फरीदाबाद, सोनीपत और पंचकूला में 3% फीस तय की गई है। बाकी जिलों में यह फीस 1% रहेगी। साथ ही, अहाता खोलने के लिए अब न्यूनतम 1000 स्क्वायर मीटर क्षेत्र होना जरूरी होगा, जिससे अव्यवस्थित और अवैध ढंग से चल रहे अहातों पर रोक लगेगी।