Haryana Health Helpline: हरियाणा हेल्थ हेल्पलाइन -104 से स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई दिशा, 57 डॉक्टरों पर दर्ज हुई शिकायतें
हरियाणा सरकार की ओर से शुरू की गई हेल्थ हेल्पलाइन (Haryana Health Helpline) ‘104’ नंबर अब मरीजों के लिए बड़ा सहारा बनती जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री राव आरती सिंह...

Haryana Health Helpline: हरियाणा सरकार की ओर से शुरू की गई हेल्थ हेल्पलाइन (Haryana Health Helpline) ‘104’ नंबर अब मरीजों के लिए बड़ा सहारा बनती जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री राव आरती सिंह ने इसे 21 मार्च 2025 को लॉन्च किया था, और सिर्फ तीन महीनों में इसके ज़रिए 57 डॉक्टरों के खिलाफ शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं।
इन शिकायतों में सबसे ज्यादा मामले अभद्र व्यवहार (misbehavior), अस्पतालों में बेड की कमी (bed shortage) और दवाओं की अनुपलब्धता (medicine unavailability) से जुड़े हैं। इसके बावजूद, हेल्पलाइन ने हजारों मरीजों को डॉक्टर अपॉइंटमेंट, दवाओं और अस्पताल की दूसरी ज़रूरी सुविधाएं दिलाने में मदद की है।
हेल्पलाइन से सीधे जुड़ रही हैं मरीजों की परेशानियां
104 नंबर पर कॉल करके मरीज अपनी समस्याएं सीधे हेल्थ डिपार्टमेंट तक पहुंचा रहे हैं। हेल्पलाइन पर आई 57 शिकायतों में से 50 मामलों में समाधान हो चुका है, जबकि 7 शिकायतों पर अब भी जांच जारी है। डॉक्टरों को चेतावनी दी जा चुकी है और रिपोर्ट्स सिविल सर्जन को भेजी जा रही हैं।
यह हेल्पलाइन (Haryana Health Helpline) सरकारी अस्पतालों की interpersonal conduct और response system में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ा रही है।
शिकायतें बनीं सुधार की वजह
हेल्पलाइन पर ज्यादातर शिकायतें डॉक्टरों के व्यवहार को लेकर आई हैं। एक मामले में बुजुर्ग मरीज ने शिकायत की कि डॉक्टर ने उनके साथ गलत तरीके से बात की। जांच में डॉक्टर से जवाब मांगा गया और उन्हें मरीजों से विनम्रता से पेश आने की हिदायत दी गई।
एक अन्य मरीज को अस्पताल में बेड नहीं मिल पाया था। जैसे ही इस बारे में हेल्पलाइन पर कॉल किया गया, सिविल सर्जन को अलर्ट भेजा गया और मरीज को तुरंत बेड उपलब्ध कराया गया। इस तरह की कार्रवाइयों से मरीजों का भरोसा (patient trust) लौट रहा है और सिस्टम में सुधार की उम्मीद बढ़ी है।
घर बैठे अपॉइंटमेंट और सलाह
हेल्थ हेल्पलाइन से मरीजों को घर बैठे ही कई सुविधाएं मिल रही हैं। सरकारी अस्पतालों में OPD टाइमिंग, टेस्ट्स और यहां तक कि सिजेरियन जैसे ऑपरेशन की जानकारी भी हेल्पलाइन से दी जा रही है।
कैथल निवासी विशाल को मात्र 30 सेकंड में नेत्र रोग विशेषज्ञ की जानकारी मिल गई, जबकि अंबाला के राजकुमार को अपने बच्चे के खानपान को लेकर डॉक्टर की सलाह मिली।
अप्रैल से मई के बीच 20,067 कॉल्स आईं, जिनमें से 6,640 कॉल सिर्फ अपॉइंटमेंट (doctor appointment) के लिए थीं। यह सुविधा फिलहाल राज्य के 54 सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है।
कुछ मामले अब भी बाकी
हालांकि हेल्पलाइन से अधिकांश मरीजों को राहत मिली है, लेकिन कुछ शिकायतें अब भी अनसुलझी हैं। हिसार के सुनील श्योराण ने अस्पताल में पानी और दवाओं की कमी की शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ है।
ऐसे सात मामले दोबारा खोले गए हैं और इन पर जांच जारी है। हेल्पलाइन के नोडल अधिकारी डॉ. यादविंद्र सिंह हैं और इसे 15 कॉलर मिलकर ऑपरेट करते हैं।
स्वास्थ्य निदेशक डॉ. मनीष बंसल के मुताबिक, मरीजों की संतुष्टि (patient satisfaction) डिपार्टमेंट की प्राथमिकता है और लगातार सुधार की कोशिश की जा रही है।
पारदर्शिता की ओर बढ़ता सिस्टम
इस हेल्पलाइन के ज़रिए हरियाणा की स्वास्थ्य व्यवस्था में एक नया दौर शुरू हुआ है। अब तक 5,410 मरीजों से फीडबैक लिया गया है, जिसमें से 5,032 लोगों ने सुविधा से संतुष्ट होने की बात कही है।
हेल्पलाइन ने लोगों को बार-बार अस्पताल या गूगल पर जानकारी ढूंढने के झंझट से बचा लिया है। मरीजों को न सिर्फ सही जानकारी मिल रही है बल्कि सिस्टम के भीतर डॉक्टरों पर नजर भी रखी जा रही है।
हरियाणा हेल्थ हेल्पलाइन (Haryana Health Helpline) से सरकार मरीजों को न सिर्फ इलाज, बल्कि सम्मान भी दिलाने की दिशा में काम कर रही है।