खुशखबरी : हरियाणा के ये 29 गांव बनाए जाएंगे आदर्श गांव, मिलेगी ₹1 करोड़ की स्पेशल ग्रांट
हरियाणा के झज्जर ज़िले के 29 गांवों को "मॉडल सोलर ग्राम" (Model Solar Village) के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' (PM Suryagarh Muft Bijli Yojana) के तहत इन गांवों में सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए 6 महीने की इंटरनल प्रतियोगिता चलेगी। सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले गांव को ₹1 करोड़ की स्पेशल ग्रांट (special grant) दी जाएगी।

हरियाणा के झज्जर ज़िले के 29 गांवों को लेकर राज्य सरकार ने एक बड़ी पहल की है। इन गांवों को “आदर्श सौर ग्राम” (Adarsh Solar Village) बनाने की दिशा में काम शुरू हो चुका है। इस प्रोजेक्ट का मकसद है ग्रामीण इलाकों में सोलर एनर्जी (solar energy) को बढ़ावा देना और ग्राम पंचायतों को एनर्जी के मामले में आत्मनिर्भर बनाना।
डिप्टी कमिश्नर स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ (PM Suryagarh Muft Bijli Yojana) के तहत हर जिले में कम से कम एक गांव को मॉडल सोलर ग्राम बनाया जाना है। इसी सिलसिले में झज्जर ज़िले के 29 गांवों का चयन किया गया है। इन सभी गांवों की आबादी 5,000 से ज़्यादा है, जो 2011 की जनगणना के अनुसार तय की गई है।
इस योजना में 3 जून 2025 से लेकर 2 दिसंबर 2025 तक की एक इंटरनल प्रतियोगिता चलेगी, जिसमें इन चयनित गांवों में सबसे ज़्यादा सोलर उपकरण (solar equipment) अपनाने वाली पंचायत को ₹1 करोड़ रुपये की विशेष अनुदान राशि (special grant) दी जाएगी।
किन स्कीम्स को जोड़ा गया है इस पहल से?
एडीसी जगनिवास के मुताबिक, सिर्फ एक योजना नहीं बल्कि कई मौजूदा सोलर स्कीम्स को एकसाथ जोड़कर ये पहल की जा रही है। इसमें शामिल हैं:
- प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना
- प्रधानमंत्री कुसुम योजना (PM-KUSUM) के तहत सोलर वॉटर पंप
- सोलर स्ट्रीट लाइट प्रोग्राम
- ग्रिड कनेक्टेड सोलर पावर प्लांट (grid-connected solar power plant)
इन स्कीम्स का ज्यादा और प्रभावी इस्तेमाल करने वाली पंचायतों को ही मॉडल सोलर ग्राम के लिए प्राथमिकता दी जाएगी।
ये हैं झज्जर जिले के वे 29 गांव जो इस अभियान में शामिल हैं:
गुभाना, गोच्छी, बामनोली, बिरधाना, खेड़ी खुम्मार, अकेहड़ी मदनपुर, मातन, बराही, कानौंदा, साल्हावास, खरहर, मेहराणा, बिरोहड़, भापड़ौदा, बहु, पाटोदा, आसौदा टोडरान, खानपुर खुर्द, दुजाना, बुपनिया, दुलहेड़ा, बहराणा, मातनहेल, रोहद, माजरा डी, मांडोठी, बादली, छारा और डीघल।
इन गांवों में अब अगले छह महीनों तक सोलर एनर्जी से जुड़े अलग-अलग प्रयोग और उपकरणों को अपनाने की रेस चलेगी, ताकि एक आदर्श और एनर्जी-एफिशिएंट (energy-efficient) गांव तैयार किया जा सके।