Haryana News: हरियाणा के इस जिले में 11 नए रूटों पर दौड़ेंगी 200 नई इलेक्ट्रिक बसें, इन गांवों की मिलेगा सीधा फायदा
गर्मियों की तपिश से परेशान फरीदाबाद के लोगों के लिए राहतभरी खबर है। अब गांव से शहर तक सफर करना न केवल आसान बल्कि किफायती भी हो जाएगा। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (FMDA) ने ग्रामीण और शहरी...

गर्मियों की तपिश से परेशान फरीदाबाद के लोगों के लिए राहतभरी खबर है। अब गांव से शहर तक सफर करना न केवल आसान बल्कि किफायती भी हो जाएगा। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (FMDA) ने ग्रामीण और शहरी इलाकों को बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए 200 नई इलेक्ट्रिक बसें शुरू करने का ऐलान किया है। इससे जहां आवाजाही की दिक्कतें कम होंगी, वहीं ट्रैफिक और प्रदूषण पर भी असर पड़ेगा।
फिलहाल शहर में सिर्फ 50 सिटी बसें संचालित हो रही हैं, जो सभी गांवों तक नहीं पहुंच पातीं। ऐसे में नई बसें चलने से गांवों में रहने वाले हजारों लोगों को सीधी, सस्ती और सुविधाजनक ट्रांसपोर्ट की सुविधा मिलेगी। इस योजना में 11 नए रूट शामिल हैं, जिनसे शहर के प्रमुख हिस्सों और दूरदराज के गांवों के बीच मजबूत कनेक्टिविटी बनेगी।

गर्मी में राहत, सफर में सहूलियत
फरीदाबाद में इस समय केवल 50 सिटी बसें ही सड़कों पर दौड़ रही हैं, जो सीमित रूट पर सेवाएं देती हैं। खासकर ग्रामीण इलाकों के लिए बसों की संख्या बेहद कम है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजाना सफर में खासी दिक्कत होती है। ऐसे में FMDA की यह नई योजना फरीदाबाद वासियों के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है।
10 रुपये में AC जैसी सुविधा
इन नई इलेक्ट्रिक बसों में सफर करने का न्यूनतम किराया मात्र 10 रुपये होगा। इसका मतलब यह कि अब आम आदमी भी बेहद कम पैसों में ठंडी और आरामदायक बस सेवा का लाभ उठा सकेगा। यह सुविधा खासकर उन लोगों के लिए मददगार साबित होगी जो रोजाना गांव से शहर काम पर आते हैं।
धूप में नहीं खड़े रहना पड़ेगा
यात्रियों की सुविधा को और बेहतर बनाने के लिए FMDA 310 क्यू शेल्टर यानी प्रतीक्षालय बनाने जा रहा है, जहां लोग छांव में खड़े होकर बस का इंतजार कर सकेंगे। गर्मी के मौसम को देखते हुए यह पहल यात्रियों के लिए किसी सौगात से कम नहीं।
60 करोड़ का बजट, 11 नए रूट
इस पूरे प्रोजेक्ट पर सरकार करीब 60 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इन इलेक्ट्रिक बसों को 11 नए रूट्स पर चलाया जाएगा, जिससे गांवों और शहरों के बीच सीधा संपर्क बनेगा। इस कदम से न केवल पब्लिक ट्रांसपोर्ट बेहतर होगा, बल्कि लोगों का निजी वाहनों पर निर्भर रहना भी कम होगा, जिससे ट्रैफिक और प्रदूषण दोनों पर असर पड़ेगा।