Haryana News: ट्रांसफर ड्राइव से पहले नियुक्तियों पर फोकस, शिक्षकों को करना होगा इंतजार
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों को ट्रांसफर (teacher transfer) की प्रक्रिया के लिए अभी और इंतजार करना होगा। शिक्षा विभाग फिलहाल सरकारी मॉडल संस्कृति (GMS) और पीएमश्री स्कूलों में नई नियुक्तियों पर फोकस कर रहा है। जब तक इन नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक ट्रांसफर ड्राइव शुरू नहीं की जाएगी। विभाग ने आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके बाद एक लिखित टेस्ट होगा। ट्रांसफर प्रक्रिया इसके बाद ही संभव है।

चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में इस बार भी शिक्षक ट्रांसफर (teacher transfer drive 2025) के लिए कुछ और समय तक इंतजार करना पड़ेगा। शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि जब तक सरकारी मॉडल संस्कृति (GMS) और पीएमश्री स्कूलों में नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक ट्रांसफर ड्राइव शुरू नहीं की जाएगी।
विभाग ने इन स्कूलों में नियुक्तियों के लिए 6 जून से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक शिक्षक 13 जून रात 10 बजे तक अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। इसके बाद सभी आवेदकों को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी के तहत एक टेस्ट देना होगा। इसी प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ट्रांसफर की दिशा में अगला कदम उठाया जाएगा।
गौरतलब है कि पिछले दो वर्षों से शिक्षक ट्रांसफर ड्राइव नहीं हुई है। ऐसे में इस बार शिक्षकों को काफी उम्मीदें थीं। हाल ही में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने अधिकारियों के साथ बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि 2025-26 शैक्षणिक सत्र में हर हाल में ट्रांसफर ड्राइव चलाई जाए। उन्होंने यह भी कहा था कि यह कदम न सिर्फ शिक्षकों बल्कि छात्रों के हित में भी होगा।
मंत्री के निर्देशों के बाद शिक्षा विभाग ने राज्य के 22 जिलों में शिक्षकों के रेशनेलाइजेशन (rationalisation) को लेकर पांच कमेटियां गठित की थीं। इन कमेटियों को जिम्मेदारी दी गई कि वे हर स्कूल में विषयवार शिक्षक संख्या का विश्लेषण करें—कहाँ कितनी कमी है और कहाँ ज़रूरत से ज्यादा स्टाफ है।
सूत्रों के मुताबिक, सभी जिलों से रेशनेलाइजेशन की रिपोर्ट तैयार कर शिक्षा निदेशालय के माध्यम से मंत्रालय को भेज दी गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर ट्रांसफर ड्राइव की रूपरेखा तैयार की जाएगी। फिलहाल विभाग का पूरा फोकस नियुक्ति प्रक्रिया को समय पर पूरा करने पर है, ताकि उसके बाद ट्रांसफर ड्राइव बिना किसी बाधा के चल सके।