ताजा खबरेंहरियाणा

Kalayat News: सजुमा रोड को हाईवे से जोड़ने की तैयारी शुरू, ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत

कैथल ज़िले के कलायत शहर में ट्रैफिक प्रेशर को कम करने और रोड कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया जा रहा है। वार्ड नंबर 2 के पार्षद आशीष राणा ने सजुमा रोड को सीधे चंडीगढ़-हिसार (Chandigarh-Hisar Highway) से जोड़ने का प्रस्ताव पेश किया है। ये पहल...

Kalayat News: कैथल ज़िले के कलायत शहर में ट्रैफिक प्रेशर को कम करने और रोड कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया जा रहा है। वार्ड नंबर 2 के पार्षद आशीष राणा ने सजुमा रोड को सीधे चंडीगढ़-हिसार (Chandigarh-Hisar Highway) से जोड़ने का प्रस्ताव पेश किया है। ये पहल हरियाणा सरकार की शहरों के लिए लागू बायपास पॉलिसी (Bypass Policy) के तहत की जा रही है।

इस कनेक्शन से कलायत के मुख्य बाजार में भारी वाहनों की एंट्री घटेगी, जिससे शहर के अंदर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। पार्षद राणा ने बताया कि इस रोड की शुरुआती सर्वे प्रक्रिया (Survey Process) शुरू करवाने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से अपील की है। साथ ही, वे इस मुद्दे को लेकर पूर्व राज्य मंत्री कमलेश ढांडा से भी लगातार बातचीत कर रहे हैं।

gharounda karnal news
करनाल में डॉक्टर से कथित मारपीट का मामला गरमाया, SHO निलंबित — विरोध में डॉक्टरों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं ठप

पार्षद राणा के मुताबिक, सजुमा रोड को नेशनल हाईवे (National Highway) से जोड़ने का फायदा सिर्फ शहरवासियों को ही नहीं, बल्कि आस-पास के ग्रामीण इलाकों को भी मिलेगा। बायपास के जरिए भारी वाहन शहर के अंदर आए बिना सीधे हाईवे तक पहुंच पाएंगे, जिससे ट्रैफिक जाम और सड़क हादसों (Road Accidents) की संभावना काफी हद तक कम हो जाएगी।

इस प्रस्ताव के तहत ‘फिरनी’ रोड के निर्माण की योजना भी शामिल है, जिसे मजबूत और चौड़ा बनाया जाएगा। भाजपा मंडल अध्यक्ष और पूर्व पार्षद राजीव राजपूत ने जानकारी दी कि सड़क को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि भारी वाहन बिना रुकावट गुजर सकें।

Online Transfer Policy
Online Transfer Policy बनी कर्मचारियों की मुश्किलों की वजह, 2 महीने से अटकी सैलरी

स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों ने भी इस बायपास प्रोजेक्ट (Bypass Project) का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे सामान की आवाजाही (Goods Transport) आसान होगी और समय की भी बचत होगी। ग्रामीण इलाकों से आने-जाने वाले लोग शहर की भीड़भाड़ से बचे रहेंगे और सीधे अपने डेस्टिनेशन तक पहुंच सकेंगे।

व्यापारिक गतिविधियों और लोकल इकोनॉमी (Local Economy) को इससे बूस्ट मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। फिलहाल, पार्षद और प्रशासन इस प्रस्ताव को जल्द मंजूरी दिलाने और सर्वे शुरू करवाने की दिशा में एक्टिव हैं।

haryana-mpmv-yojana
अब किसानों को मिलेंगे 8000 रुपए प्रति एकड़! बस करें ये छोटा सा काम, सरकार की योजना का उठाएं पूरा फायदा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी कितने साल चलती है? यहां मिलेगा जवाब मसूरी ट्रिप पर जाने से पहले ये 8 बातें ज़रूर जान लें केम्पटी फॉल के बारे में 7 दिलचस्प बातें गर्मियों में पिएं गोंद कतीरा, मिलेंगे शरीर को अनेक फायदे सावन 2025 में कब-कब पड़ेंगे सोमवार? पूरी लिस्ट यहां देखें!