सोनीपत वालों की मौज़…सोनीपत बना रियल एस्टेट का नया हब, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री से बदल रही शहर की तस्वीर
हरियाणा का सोनीपत अब सिर्फ एक शांत शहर नहीं, बल्कि दिल्ली-एनसीआर (NCR) में तेजी से उभरता हुआ रियल एस्टेट हब बन गया है। मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, बढ़ती कनेक्टिविटी

सोनीपत: हरियाणा का सोनीपत अब सिर्फ एक शांत शहर नहीं, बल्कि दिल्ली-एनसीआर (NCR) में तेजी से उभरता हुआ रियल एस्टेट हब बन गया है। मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, बढ़ती कनेक्टिविटी और किफायती प्रॉपर्टी (affordable property) के चलते ये शहर इन्वेस्टर्स और डेवलपर्स दोनों की नजर में है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, दिल्ली-हरियाणा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (Delhi-Haryana Industrial Corridor) के पास होने का बड़ा फायदा सोनीपत को मिल रहा है। यहां रिहायशी, वाणिज्यिक और औद्योगिक तीनों ही सेगमेंट में विकास की जबरदस्त संभावनाएं हैं। दिल्ली से नजदीक होने की वजह से यहां निवेश को लेकर रुझान काफी तेज़ हुआ है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2030 तक सोनीपत उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो सकता है जो रियल एस्टेट में सबसे बेहतर रिटर्न (high ROI) देंगे।
मास्टर प्लान 2031 से मिलेगी नई दिशा
हरियाणा सरकार ने सोनीपत के लिए मास्टर प्लान 2031 के तहत 20,220 करोड़ रुपये का बजट फाइनल किया है। इस प्लान का लक्ष्य 25 लाख लोगों को ध्यान में रखकर शहर को तैयार करना है। इसके तहत 7,071 हेक्टेयर जमीन टाउनशिप डेवेलपमेंट के लिए और 606 हेक्टेयर जमीन कमर्शियल कॉरिडोर के लिए आरक्षित की गई है।
दिल्ली-कुंडली-सोनीपत बेल्ट बना रफ्तार का इंजन
टीडीआई इंफ्राटेक लिमिटेड के एमडी अक्षय तनेजा बताते हैं कि दिल्ली-कुंडली-सोनीपत बेल्ट (DKS belt) बीते कुछ वर्षों में एनसीआर के सबसे तेजी से विकसित होते इलाकों में गिना जाने लगा है। खासकर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (Eastern Peripheral Expressway) जैसे प्रोजेक्ट्स ने शहर की कनेक्टिविटी को एक नई ऊंचाई दी है।
इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट से मिल रही ताकत
सोनीपत में मारुति सुजुकी 18,000 करोड़ रुपये के निवेश से एक नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट बना रही है। यह प्लांट न सिर्फ हज़ारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर खोलेगा, बल्कि इससे जुड़ी कई सहायक इंडस्ट्रीज़ को भी रफ्तार मिलेगी। इस इंडस्ट्रियल ग्रोथ से रियल एस्टेट सेक्टर को भी मजबूत सपोर्ट मिलेगा।
इन्वेस्टर्स क्लिनिक इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड के फाउंडर हनी कटियाल का मानना है कि जब किसी इलाके में इंडस्ट्री आती है, तो वहां नौकरी और घर दोनों की मांग बढ़ती है। इससे रिटेल, कमर्शियल और रेजिडेंशियल सेगमेंट को सीधा फायदा मिलता है। उनके मुताबिक, मारुति का नया प्लांट और दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) के जरिए हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट सोनीपत को एक इकोनॉमिक इंजन में बदल रहा है।
यही वजह है कि अब गोडरेज प्रॉपर्टीज (Godrej Properties), हीरो रियल्टी और एल्डेको ग्रुप जैसे बड़े डेवलपर्स भी यहां अपने प्रोजेक्ट्स शुरू कर रहे हैं।
अब भी किफायती है प्रॉपर्टी, निवेश का सही वक्त
कुंडली, राई और NH-44 के आसपास के इलाकों में mixed-use development की प्लानिंग जोरों पर है। साथ ही स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क और लॉजिस्टिक हब जैसे प्रोजेक्ट्स भी पाइपलाइन में हैं। दिलचस्प बात यह है कि दिल्ली और गुरुग्राम की तुलना में सोनीपत में जमीन की कीमतें अब भी काफी कम हैं। यही वजह है कि मिडिल क्लास और निवेशक दोनों के लिए यह एक फायदे का सौदा बनता जा रहा है।
रियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्म एसेट डील्स के फाउंडर और सीईओ विनीत चेलानी के मुताबिक, केएमपी एक्सप्रेसवे (KMP Expressway), मेट्रो एक्सटेंशन और RRTS जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स ने सोनीपत को एनसीआर के सबसे रणनीतिक रियल एस्टेट मार्केट्स में शुमार कर दिया है।