Startup Loan Scheme: बिज़नेस शुरू करना है मगर पैसे नहीं हैं तो सरकार की इस स्कीम का उठाएं फायदा, जानें कैसे
भारत में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने बीते कुछ वर्षों में कई योजनाएं शुरू की हैं, जिनका असर अब जमीन पर दिखने लगा है। स्टार्टअप इंडिया, मुद्रा योजना, स्टैंड अप इंडिया...

नई दिल्ली: भारत में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने बीते कुछ वर्षों में कई योजनाएं शुरू की हैं, जिनका असर अब जमीन पर दिखने लगा है। स्टार्टअप इंडिया, मुद्रा योजना, स्टैंड अप इंडिया और क्रेडिट गारंटी फंड जैसी योजनाएं लाखों युवाओं और छोटे व्यापारियों की जिंदगी बदल रही हैं।
स्टार्टअप इंडिया स्कीम के तहत निवेश, टैक्स छूट और आसान पंजीकरण जैसी सहूलियतें मिल रही हैं, वहीं प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने बिना गारंटी के लोन देकर छोटे कारोबारों को पंख लगाए हैं। स्टैंड अप इंडिया योजना ने महिलाओं और वंचित वर्गों को व्यापार की मुख्यधारा में लाने का रास्ता खोला है।
इसी कड़ी में CGTMSE योजना भी खास है, जो बिना किसी सिक्योरिटी के एमएसएमई को लोन मुहैया कराती है। इन पहलों का मकसद साफ है — भारत को न सिर्फ नौकरी खोजने वाला देश बनाना, बल्कि नौकरी देने वाला देश भी बनाना।

पसरकार की ये योजनाएं दे रही उद्यमिता को बढ़ावा
भारत में अब नौकरी मांगने से ज़्यादा जोर कुछ करने की होड़ पर है। ऐसे माहौल में केंद्र सरकार की कुछ योजनाएं ऐसे युवाओं और उद्यमियों के लिए बेहद मददगार साबित हो रही हैं, जो खुद का बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं। ये योजनाएं न सिर्फ पूंजी जुटाने में मदद करती हैं, बल्कि रास्ते में आने वाली कई अड़चनों को भी आसान बनाती हैं। आइए जानते हैं इन चार प्रमुख योजनाओं के बारे में:
1. स्टार्टअप इंडिया योजना – सपनों को जमीन देने की पहल
2016 में शुरू की गई Startup India Scheme आज लाखों स्टार्टअप्स के लिए उम्मीद की किरण बन चुकी है। इसके तहत मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स को 10,000 करोड़ रुपये के Fund of Funds के ज़रिए निवेश मुहैया कराया जाता है। यह योजना सिर्फ फंडिंग तक सीमित नहीं है — इसमें टैक्स में छूट, पंजीकरण की सरल प्रक्रिया और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) के लिए सब्सिडी भी शामिल है।
जिन युवाओं को लगता था कि “आइडिया तो है, पर पैसा कहां से लाएं?”, उनके लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं। अब सिर्फ आइडिया की नहीं, जज्बे की भी कद्र हो रही है।
2. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) – छोटा बिज़नेस, बड़ा सपोर्ट
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, जिसे संक्षेप में PMMY कहा जाता है, का मकसद सूक्ष्म और लघु इकाइयों को बिना गारंटी लोन देना है। यह योजना तीन श्रेणियों में लोन प्रदान करती है:
- शिशु (Shishu): ₹50,000 तक
- किशोर (Kishore): ₹50,000 से ₹5 लाख तक
- तरुण (Tarun): ₹5 लाख से ₹10 लाख तक
यह योजना खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी है जो चाय की दुकान से लेकर मोबाइल रिपेयरिंग या बुटीक जैसे छोटे व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। बिना गारंटी के लोन मिलने का मतलब है — अब “कोलेटरल” का झंझट नहीं, बस सोचिए और शुरू हो जाइए।
3. स्टैंड अप इंडिया योजना – समावेशी उद्यमिता की दिशा में एक कदम
सरकार की Stand Up India Scheme का उद्देश्य अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और महिलाओं को उद्यम के क्षेत्र में बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक का लोन दिया जाता है, खासतौर पर मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस और ट्रेडिंग सेक्टर के लिए।
इस योजना ने उन लोगों को बिज़नेस की मुख्यधारा में लाया है जिन्हें पहले केवल ग्राहक के रूप में देखा जाता था। अब वे खुद दुकानदार, फैक्ट्री ओनर और सेवा प्रदाता बन रहे हैं। यानि अब सिर्फ ख्वाब नहीं, हकीकत भी आपकी है।
4. क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर एमएसएमई (CGTMSE) – भरोसे के साथ आगे बढ़ने का मंच
CGTMSE यानी Credit Guarantee Fund Trust for Micro and Small Enterprises योजना का मकसद है छोटे उद्यमियों को बिना गारंटी के लोन देना। इसके तहत ₹2 करोड़ तक का गारंटी फ्री लोन उपलब्ध है, जो खास तौर पर उन एमएसएमई (MSME) यूनिट्स के लिए फायदेमंद है जो अपने कारोबार को बढ़ाना चाहते हैं लेकिन बैंक की लंबी लिस्ट और शर्तों से डरते हैं।
यह योजना नए व्यापारियों के लिए सिर्फ फाइनेंस नहीं, एक मनोबल भी है — एक भरोसा कि अगर आइडिया में दम है, तो व्यवस्था अब साथ है।