Jind News: उचाना कलां में बिना मान्यता के चल रहे दो किड्स प्ले स्कूल बंद, शिक्षा विभाग ने दिखाई
शिक्षा विभाग ने उचाना ब्लॉक में अवैध रूप से चल रहे स्कूलों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। उचाना कलां के दो किड्स प्ले स्कूलों — 'छोटा भीम' और 'फौजी स्पोर्ट्स प्ले स्कूल' — को बिना मान्यता...

उचाना (जींद): शिक्षा विभाग ने उचाना ब्लॉक में अवैध रूप से चल रहे स्कूलों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। उचाना कलां के दो किड्स प्ले स्कूलों — ‘छोटा भीम’ और ‘फौजी स्पोर्ट्स प्ले स्कूल’ — को बिना मान्यता के संचालन करने पर बंद करवा दिया गया। यह कदम खंड शिक्षा अधिकारी पुष्पा रानी के नेतृत्व में उठाया गया, जिन्होंने पहले भी इन स्कूलों को दो बार नोटिस भेजे थे।
इस कार्रवाई के पीछे मुख्य वजह इन स्कूलों की मान्यता की कमी रही, जिसे लेकर विभाग पहले ही गंभीर था। शिक्षा अधिकारियों ने साफ किया कि क्षेत्र में कुल 21 स्कूल ऐसे हैं जो बिना मान्यता के चल रहे हैं। दो बार नोटिस देने के बावजूद जब स्कूल प्रबंधकों ने स्कूल बंद नहीं किए, तो विभाग ने कार्रवाई को जरूरी समझा।
अब शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जो भी स्कूल बिना मान्यता के चल रहे हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। तीसरा नोटिस भी भेजा जा चुका है और यदि दो दिन के भीतर स्कूल बंद नहीं किए गए तो विभागीय कार्रवाई की गाज गिरनी तय है। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बच्चों के भविष्य के साथ समझौता न करें और मान्यता प्राप्त संस्थानों में ही दाखिला दिलवाएं।

उचाना में दो प्ले स्कूल बंद, 21 पर कड़ी नजर
शिक्षा विभाग ने उचाना कलां में मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो किड्स प्ले स्कूलों पर ताले लगवा दिए। ये स्कूल थे ‘छोटा भीम प्ले स्कूल’ और ‘फौजी स्पोर्ट्स प्ले स्कूल’, जो पिछले लंबे समय से बिना किसी मान्यता के धड़ल्ले से चल रहे थे। खंड शिक्षा अधिकारी पुष्पा रानी की अगुवाई में विभागीय टीम मौके पर पहुंची और स्कूलों को बंद करवाया। विभाग ने पहले ही इन स्कूलों को दो नोटिस भेजकर चेताया था, लेकिन कोई असर न होता देख अब सीधे कार्रवाई की गई।
पुष्पा रानी ने बताया कि उचाना ब्लॉक में कुल 21 ऐसे स्कूल हैं जो बिना किसी वैध अनुमति के बच्चों की पढ़ाई के नाम पर संस्थान चला रहे हैं। इनमें से कई स्कूलों को पहले नोटिस भेजे जा चुके हैं और क्लस्टर हेड्स को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे स्कूलों को तत्काल बंद करवाएं। हालांकि, कुछ संचालकों की जिद और ‘चलता है’ वाले रवैये ने विभाग को सख्ती बरतने पर मजबूर कर दिया।
शिक्षा अधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि “बच्चों की पढ़ाई कोई प्रयोगशाला नहीं है जहाँ बिना लाइसेंस के प्रयोग चलते रहें।” उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे ऐसे स्कूलों में बच्चों का दाखिला कर भविष्य से खिलवाड़ न करें। उन्होंने यह भी चेताया कि जिन स्कूलों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं, यदि वे दो दिनों के भीतर बंद नहीं किए गए तो विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी।
इन स्कूलों पर है विभाग की नजर
कार्रवाई की फेहरिस्त लंबी है। जिन स्कूलों को अब तक नोटिस भेजे गए हैं, उनमें शामिल हैं: हरिभूमि स्कूल धनखड़ी, रेड रोज किड्स प्ले स्कूल सुदकैन खुर्द, प्लस प्वाइंट ट्यूशन सेंटर करसिंधु, अक्षर ज्ञान विद्या भारती विद्यालय, विश्वास एजुकेशन प्वाइंट करसिंधु, ज्ञानदीप स्कूल गुरुकुल खेड़ा, एसडी स्कूल, मॉडर्न ग्लोबल किड्स प्ले स्कूल छातर, लवकुश वाटिका काकड़ोद, नोबल किड्स प्ले स्कूल सुरबरा, यूनिक पब्लिक स्कूल मखंड, रॉयल पब्लिक स्कूल बड़नपुर, सम्राट किड्स प्ले स्कूल खटकड़, प्लस प्वाइंट किड्स स्कूल उचाना मंडी, आर्य किड्स प्ले स्कूल उचाना मंडी, स्टूडेंट स्टडी सेंटर उचाना मंडी, गुरु द्रोणाचार्य अकादमी उचाना मंडी और मैथ जोन अकादमी उचाना मंडी।
टीम में प्रवक्ता जयभगवान (राजकीय स्कूल, उचाना कलां), सरोज श्योकंद (प्रिंसिपल, कन्या स्कूल उचाना मंडी), और कमल (खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय) भी शामिल रहे।