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Sofia Qureshi Age Biography: कौन हैं लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी, जिन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पूरी कहानी बताई

Colonel Sophia Qureshi: भारतीय सेना की ताकत और सटीकता का एक और उदाहरण बीती रात देखने को मिला, जब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके में स्थित नौ आतंकी ठिकानों...

Sofia Qureshi Biography Indian Army: भारतीय सेना की ताकत और सटीकता का एक और उदाहरण बीती रात देखने को मिला, जब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके में स्थित नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए उन्हें तबाह कर दिया। इस अहम ऑपरेशन की जानकारी विदेश सचिव विक्रम मिस्री, विंग कमांडर व्योमिका सिंह और लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी ने साझा की। इस दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी ने बेहद दृढ़ता से कहा कि यह मिशन, पहलगाम हमले के पीड़ितों के लिए न्याय की दिशा में उठाया गया निर्णायक कदम था।

कर्नल कुरैशी सिर्फ एक सैन्य अधिकारी नहीं, बल्कि कई मायनों में मिसाल हैं। वे भारतीय सेना की पहली महिला हैं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में भारतीय टुकड़ी का नेतृत्व किया है। गुजरात के वडोदरा से ताल्लुक रखने वाली इस अफसर ने विज्ञान के क्षेत्र से सेना तक का सफर कुछ इस अंदाज़ में तय किया है कि हर मोड़ पर उन्होंने इतिहास रचा है। साल 2006 में संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत कांगो में युद्ध विराम की निगरानी करने से लेकर हालिया आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक का नेतृत्व करने तक, सोफिया का करियर बहुआयामी उपलब्धियों से भरा है।

सोफिया कुरैशी न सिर्फ राष्ट्र की सुरक्षा का अभेद्य कवच हैं, बल्कि लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं। वे बतौर सैन्य अधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन जिस संजीदगी और साहस से करती हैं, वो भारतीय सेना की असली भावना को दर्शाता है—”सेवा परमो धर्म।”

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Sofia Qureshi Age Biography

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बीती रात जब देश गहरी नींद में था, भारतीय सेना के विशेष बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम देकर आतंक के खिलाफ एक और बड़ी कामयाबी हासिल की। यह मिशन, पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में चलाया गया। इस हमले में निर्दोष नागरिकों की जान गई थी, और सेना ने इसका जवाब उसी अंदाज़ में दिया

इस अभियान की जानकारी जब मीडिया को दी गई, तो लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी के चेहरे पर आत्मविश्वास झलक रहा था। उनका कहना था कि “ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि उन मासूमों के लिए न्याय है जो आतंक की भेंट चढ़े।”

Who is Sofia Qureshi?

भारतीय सेना के सिग्नल कोर की यह अधिकारी, देश की पहली महिला बनीं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में भारत की टुकड़ी का नेतृत्व किया। उनकी यात्रा किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं। गुजरात के वडोदरा की रहने वाली सोफिया, एक सैन्य परिवार से आती हैं। उनके पिता और दादा दोनों सेना में रह चुके हैं। सेना का अनुशासन, देशभक्ति और ज़िम्मेदारी उन्हें विरासत में मिली।

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Colonel Sophia Qureshi Education

सोफिया ने वडोदरा की महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी से बायोकेमिस्ट्री में एमएससी की पढ़ाई पूरी की। प्रोफेसर बनने का सपना लिए उन्होंने यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट लेक्चरर के रूप में पढ़ाना भी शुरू किया और पीएचडी कर रही थीं। लेकिन तभी सेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत चयन हुआ और उन्होंने बिना हिचकिचाहट अपना करियर मोड़ लिया—पीएचडी छोड़, देश की सेवा में जुट गईं।

सेना में शानदार सेवा और ऐतिहासिक उपलब्धियां

वर्ष 1999 में भारतीय सेना में कमीशंड होने के बाद, उन्होंने कई अहम ज़िम्मेदारियाँ निभाईं। साल 2006 में कांगो में संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन में बतौर मिलिट्री ऑब्ज़र्वर उन्होंने छह वर्षों तक सेवाएं दीं। युद्ध प्रभावित इलाकों में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

2016 में ‘Force 18’ नामक बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में वे भारतीय सैन्य टुकड़ी की कमांडर बनीं। यह अभ्यास पुणे में आयोजित हुआ था, जिसमें अमेरिका, चीन, रूस और जापान समेत 18 देशों ने भाग लिया। इस ऐतिहासिक अभ्यास में भारत का नेतृत्व करने वाली वे पहली महिला थीं।

सेना के भीतर भी बनीं प्रेरणा

उनके नेतृत्व और संचार कौशल के लिए उन्हें कई बार सम्मानित किया गया। ‘ऑपरेशन पराक्रम’ के दौरान पंजाब सीमा पर सेवाएं देने के लिए उन्हें जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (GOC-in-C) का प्रशंसा पत्र मिला। वहीं पूर्वोत्तर भारत में बाढ़ राहत अभियानों में सिग्नल कोर के कार्यों में उत्कृष्टता के लिए उन्हें ‘Signal Officer-in-Chief’ कमेंडेशन कार्ड भी मिला।

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Sophia Qureshi Husband

सोफिया की शादी सेना के एक और अधिकारी मेजर ताजुद्दीन कुरैशी से हुई है, जो मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री में सेवारत हैं। उनका एक बेटा है। उनके भाई बताते हैं कि सोफिया न सिर्फ परिवार के लिए, बल्कि अगली पीढ़ी के लिए भी रोल मॉडल हैं—उनकी बेटी ज़ारा सेना में जाने का संकल्प ले चुकी है।

सोफिया कुरैशी के पिता कौन है?

सोफिया कुरैशी के पिता ताज मोहम्मद कुरैशी, जो की एक सैन्य परिवार से आते हैं। उन्होंने कहा, “मुझे बहुत गर्व महसूस हुआ कि मेरी बेटी ने देश के लिए कुछ किया है।”

लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी सिर्फ एक सैन्य अधिकारी नहीं, बल्कि भारतीय नारी शक्ति की सशक्त पहचान हैं। उनका जीवन दिखाता है कि एक प्रोफेसर बनने का सपना देखने वाली युवती भी अगर चाह ले, तो देश की सीमाओं की रक्षा में भी सर्वोच्च योगदान दे सकती है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की कमान संभालकर उन्होंने फिर साबित कर दिया है कि देश की बेटियां जब एक बार देशसेवा की राह चुन लें, तो दुश्मन को जवाब देने के लिए उन्हें बस एक इशारा चाहिए।

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