Haryana News: हरियाणा में गरीबों के लिए घर का सपना हुआ सच, प्लॉट आवंटन प्रक्रिया शुरू
हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना 2.0 के दूसरे चरण की शुरुआत कर दी है, जिससे राज्य के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को अपने सपनों का घर पाने का मौका मिलेगा। इस योजना के तहत 537 ग्राम पंचायतों और 24 महाग्राम पंचायतों में 1.58 लाख लोगों को प्लॉट दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सिविल सचिवालय में कार्यक्रम के दौरान इस प्रक्रिया का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर परिवार को छत मुहैया कराना है, और यह योजना उसी दिशा में एक मजबूत कदम है।
इस योजना में जहां प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाने के लिए वित्तीय सहायता दी जा रही है, वहीं मुख्यमंत्री योजना के अंतर्गत प्लॉट आवंटित किए जा रहे हैं। इससे जरूरतमंदों को घर बनाने का पूरा अवसर मिलेगा।

हरियाणा में गरीबों को प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया शुरू
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने ग्रामीण इलाकों में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान मुहैया कराने के अपने वादे को निभाते हुए मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना 2.0 के दूसरे चरण की शुरुआत कर दी है। सोमवार को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सिविल सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस बहुप्रतीक्षित योजना की औपचारिक शुरुआत की।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बताया कि इस चरण में 537 ग्राम पंचायतों और 24 महाग्राम पंचायतों में कुल 1.58 लाख आवेदकों को प्लॉट देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने वादा किया था कि प्रदेश के गरीब परिवारों को छत जरूर देंगे, और हम उसी दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं।”
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रधानमंत्री आवास योजना को हरियाणा में तेजी से लागू किया जा रहा है, जिससे मकान निर्माण के लिए आर्थिक सहायता मिलती है। इसके साथ ही राज्य सरकार की मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत पात्र लोगों को मुफ्त में प्लॉट देकर घर बनाने का मौका दिया जा रहा है।
इस योजना के पहले चरण में 61 ग्राम पंचायतों और एक महाग्राम पंचायत में 4,532 लाभार्थियों को प्लॉट मिल चुके हैं। अब दूसरे चरण में यह कवायद और बड़े स्तर पर की जा रही है। सरकार ने गांवों में पात्र लोगों को 100 वर्ग गज और महाग्राम पंचायतों में 50 वर्ग गज के आवासीय प्लॉट देने का प्रावधान किया है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह केवल प्लॉट देने की योजना नहीं, बल्कि गरीबों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने की कोशिश है। “घर सिर्फ ईंट और सीमेंट से नहीं बनते, वह उम्मीदों और सपनों से बनते हैं, और हम चाहते हैं कि हर गरीब का सपना सच हो,” उन्होंने कहा।